दैनिक समसामयिकी 04 जनवरी 2019

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर में विभिन्न विकास परियोजनाओं को लॉन्च किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 04 जनवरी 2019 को असम में बराक घाटी स्थित सिल्चर में 1500 करोड़ रुपये की लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत की. प्रधानमंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत और 12 परियोजनाओं का शिलान्यास किया.

इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस नॉर्थ ईस्ट को नेताजी ने भारत की आज़ादी का गेटवे बताया था, उसको अब न्यू इंडिया की विकास गाथा का द्वार बनाए जाने के लिए प्रयास किया जा रहा है.

एचआरडी मंत्रालय ने जेएनवी के छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं की जांच हेतु समिति का गठन किया

मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय ने 31 दिसंबर 2018 को जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) के छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है. इससे पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मामले के संबंध में एचआरडी मंत्रालय को नोटिस भेजा था.

मंत्रालय ने मनोचिकित्सक डॉ. जितेंद्र नागपाल की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया है. यह समिति जवाहर नवोदय विद्यालय स्कूलों के गठन से लेकर अब तक कितने छात्रों ने आत्महत्या की है, उसकी जांच करेगी. समिति को एक महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को देनी होगी.

सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच 10 जनवरी को अयोध्या मामले की सुनवाई करेगी

सुप्रीम कोर्ट में 04 जनवरी 2018 को राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद (अयोध्‍या विवाद) पर सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मामले की अगली सुनवाई 10 जनवरी को होगी. 10 जनवरी से पहले इस मामले के लिए नई बेंच का गठन किया जाएगा.

अब तीन जजों के बेंच इस मामले की सुनवाई की करेगी. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई इस नई बेंच का गठन करेंगे. अब नई बेंच ही ये तय करेगी कि क्या ये मामला फास्टट्रैक में सुना जाना चाहिए या नहीं. सुनवाई चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजय किशन कौल की पीठ के सामने हुई.

संसद ने निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा (संशोधन) विधेयक को मंजूरी प्रदान की

देश में आठवीं कक्षा तक के छात्रों को योग्यता के आधार पर उत्तीर्ण करने और ‘नो डिटेंशन नीति’ वापस लेने से संबंधित ‘निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) विधयेक 2019’ पर 03 जनवरी 2019 को संसद की मुहर लग गयी.

राज्यसभा ने लगभग एक घंटे की चर्चा के बाद वामदलों के वाकआउट के बीच इस विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी. लोकसभा इसे पहले ही मंजूरी दे चुकी है. नये प्रावधानों के तहत राज्यों को पहले की तुलना में अधिक अधिकार दिए गये हैं.

विश्व भर में पहला ‘ब्रेल दिवस’ मनाया गया

विश्वभर में 04 जनवरी 2019 को पहला अंतरराष्ट्रीय ब्रेल दिवस मनाया गया. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिवस के लिए 06 नवम्बर 2018 को प्रस्ताव पारित किया था. आज ही के दिन ब्रेल लिपि के आविष्कारक लुइस ब्रेल का जन्म दिवस है इसलिए 04 जनवरी को ब्रेल दिवस के रूप में मनाया जाना तय किया गया.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार विश्व भर में लगभग 39 मिलियन लोग देख नहीं सकते जबकि 253 मिलियन लोगों में कोई न कोई दृष्टि विकार है. विश्व ब्रेल दिवस का उद्देश्य दृष्टि-बाधित लोगों के अधिकार उन्हें प्रदान करना तथा ब्रेल लिपि को बढ़ावा देना है.